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हेलो दोस्तों कैसे हैं आप लोग स्वागत है आप लोगों का मेरा एक नए ब्लॉग पर तो आज हम बात करने वाले हैं कि अगर आप लोगों को कोई भी प्रॉब्लम है जिसका अब सॉल्यूशन चाहते हैं चाहे वह प्रॉब्लम कैसी भी हो सकती है तो आप मुझे जल्द से जल्द कांटेक्ट करें अगर आपको लाइफ में किसी भी चीज के लिए दिक्कत हो रही है और आप चाहते हैं कि आप उसे दिक्कत से बाहर आ जाए चाहे वह दिक्कत कैसी भी हो सकती है चाहे आपकी गर्लफ्रेंड ने आपको छोड़ दिया हो या आप समझ नहीं पा रहे हैं आपके जीवन में क्या करना है या फिर और कोई भी अन्य दिक्कत है जो लाइफ से जुड़ी हुई है या आपके फाइनेंशियल प्रोबलम से जुड़ी हुई है या आपके कोई नए बिजनेस से जुड़ी हुई है या आपको कोई बिजनेस करने में प्रॉब्लम आ रही है तो आप मुझसे कांटेक्ट कर सकते हैं मेरा कांटेक्ट मेल id है  abhim3693@gmail.com  आप लोग मुझे इस पर मेल कर सकते हैं मैं यह नहीं कहता कि आपका प्रॉब्लम का हंड्रेड परसेंट सॉल्यूशन हो जाएगा हां मगर इतना जरूर बता सकता हूं कि आपको मुझसे बात करके काफी कुछ मदद मिलेगी अपने जिंदगी के लिए तो फिर किस बात की कर रहे हैं जल्दी कांटेक्ट करें कोई भी प्रॉब्लम का सॉल्य

Difference between school, college and real life-स्कूल, कॉलेज और असल जिंदगी में अंतर

Difference between school, college and real life-स्कूल, कॉलेज और असल जिंदगी में अंतर


हेलो दोस्तों स्वागत है आपका मेरे एक नए ब्लॉग पर और यहां मैं आप लोगों

को बताऊंगा स्कूल और कॉलेज के बीच अंतर लेकिन उससे पहले मैं आप

लोगों को बता दूं कि अगर आपके मन में कोई भी लाइफ रिलेटेड प्रॉब्लम है

जिसका सॉल्यूशन चाहते हैं तो आप मुझे मेल कर सकते हैं मेरा मेल आईडी

आप लोगों को मेरे ब्लॉग पर ही मिल जाएगा और मैं यह नहीं कहता कि मैं

आपके प्रश्न का एकदम सही उत्तर दूंगा हम अगर इतना जरूर बता सकता

हूं कि आप लोगों को मेरा देखने का नजरिया काफी हद तक पसंद आएगा 


तो चलिए शुरू करते हैं

School Life


देखिए जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि जब हम पैदा होते हैं उसके बाद

तीन या चार साल बाद हम लोगों को प्लेहाउस में जाना होता है जहां पर हम

बैठना और बोलना सीखते हैं जबकि हम बहुत रोते हैं स्कूल जाने तक में

क्योंकि हम बहुत छोटे होते हैं और हमारा रोना जब तक हम 4th या 5th में

नहीं आते तब तक चलता ही रहता है और हम लोग इन चीजों से काफी

परेशान रहते हैं हम रातों में ऊपर वाले से प्रेयर करते थे कि शायद सुबह

बारिश हो जाए तो हमारी छुट्टी हो जाए या फिर कई बच्चे अपने सर दर्द या

पेट दर्द का बहाना करते थे ताकि हम लोगों की स्कूल की छुट्टी हो जाए और

अगर कभी हमारी दुआ ऊपर वाले तक पहुंच जाती थी तो रेनी डे भी हो

जाता था लेकिन उसके बाद हम थोड़े और बड़े हुए जब हम 8th ya 9th में

आए तब हम लोगों को स्कूल जाना काफी अच्छा लगने लगा क्योंकि वहां पर

सब कुछ हम अपने मन का करते थे जैसे की स्कूल बंक करना दोस्तो के

साथ मजे करना और तब तक हमारी गर्लफ्रेंड भी बन चुकी होती है तो

उसके साथ भी हमें पूरा टाइम निकलना होता था और सच्चाई यह है कि

स्कूल के 8th या 9th में हम लोग आ जाते हैं तब हमें यह सारी चीज बहुत

अच्छी लगने लगते हैं लेकिन उसके बाद धीमे-धीमे हमारी उम्र और क्लास

बढ़ने लगती है और हम लोगों के मजे भी काफी ज्यादा बढ़ने लगते हैं जैसे

कि घूमने जाना क्लास में उधम करना पढ़ाई ना करना लेकिन कुछ भी

करके हम इतने नंबर ले आते थे जितने कि हमें पास होने की जरूरत थी

और साथ ही साथ हम लोग एक गैंग में होकर दूसरों से लड़ाइयां तक करने

लगते थे और हमारे दोस्त हमें ऐसा लगता था कि शायद हमारे संग जीवन

भर रहेंगे हमारे हर सुख दुख में जैसे आज वो हमारे साथ है हमेशा हमारे

साथ ही रहेगें और यही सोचते सोचते हम 12th में आ जाते हैं और हम सारे

दोस्तों का उठना बैठना खाना पीना घूमना फिरना सब कुछ एक साथ होता

था और हमको यह लगने लगता था कि अगर हमारे दोस्त हमारे जीवन में

नहीं है तो शायद हम जीवन जी ही नहीं पाएंगे और तब तक हमारी एक या

दो गर्लफ्रेंड भी बनी हुई होती है और हमें लगता है कि शायद यह हमारा

जीवन पर साथ देगी और हम इन्हीं के साथ अपना घर बताएंगे लेकिन ऐसा

कुछ होता है नहीं है फिर धीमे-धीमे हम उसे स्टेज पर आ जाते हैं जब हमें

स्कूल को अलविदा करना होता है तब हमें इतना बुरा लगता है सारे दोस्त

यार एक दूसरे से मिलते हैं और कुछ जो ज्यादा खास दोस्त होते हैं वह पहले

ही अपने दोस्त का कॉलेज डिसाइड कर लेते हैं के स्कूल के बाद कौन से

कॉलेज में जाना है और कहते हैं हम भी तेरे साथ ही कॉलेज में आएंगे

लेकिन काफी दोस्त वही रह जाते हैं और अपनी आगे की शिक्षा के लिए

किसी दूसरे कॉलेज में चले जाते हैं और हम लोगों को उस दिन ऐसा लगता

है कि शायद अब हमारे जीवन से कुछ चीज निकल चुकी है लेकिन हम फिर

भी अपने आप को संभालते हैं और सोचते हैं कॉलेज में और ऐसे कई दोस्त

और लड़कियां मिलेगी और स्कूल के वह दोस्त भी जो छूटे होते हैं कुछ

समय तक हमसे बात भी करते हैं और मिलते भी हैं लेकिन समय के गुजरते

गुजरते वह भी हमसे दूर हो जाते हैं l 


College Life


देखिए जब हम लोग कॉलेज में फर्स्ट डे जाते हैं तो जो हमारे सीनियर्स होते हैं

वह हमारी रैगिंग करते हैं कई लोग या बच्चे जो की स्कूल में बहुत बड़े डॉन

बनते थे वह भी रैगिंग के लिए राजी हो जाते हैं और कई बच्चे जो रैगिंग के

लिए राजी नहीं होते हैं उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है हालांकि

आज के समय पर रैगिंग बैन हो चुकी है लेकिन हमारे समय पर रैगिंग को

बहुत ज्यादा मान्यता दी जाती थी और जो भी बच्चा पहले या दूसरे दिन

कॉलेज में जाता था या फर्स्ट ईयर करता था उसके साथ रैगिंग सीनियर्स

करते ही करते थे और हम में से कई लोग रैगिंग के लिए राजी भी हो जाते हैं

और जब हम अपने सीनियर्स की बात मानने लगते हैं तो उनसे भी हम लोगों

का काफी अटैचमेंट हो जाता है और वह हर सुख दुख में हमारे साथ रहते हैं

हर अच्छे बुरे में हमारे लिए खड़े भी रहते हैं और ऐसे करते-करते हमारे नए-

नए दोस्त बनते हैं हमारी गर्लफ्रेंड भी बनती है और जब हम सेकंड ईयर में

आ जाते हैं तब हम भी दूसरों की जो की न्यू कॉमर्स होते थे हम लोग उन

लोगों की रैगिंग करने लगते थे और हमें भी काफी मजा आता है न्यू कॉमर्स

की रैगिंग करने में और उसके बाद हम लाइफ के हर मजे लेते हैं मगर

स्कूल लाइफ को मिस करते रहते हैं लेकिन धीमे-धीमे हम स्कूल लाइफ को

भी भुला देते हैं और पूरी तरह कॉलेज लाइफ में और कॉलेज के दोस्तों के

साथ अपनी जिंदगी व्यतीत करने लगते हैं और हम अपने जीवन को पूरी

तरीके से ढाल देते हैं और समझने लगते हैं कि वह तो केवल स्कूल लाइफ

थी अब हम बड़े हो गए हैं अब हम जो गर्लफ्रेंड बनेंगे या दोस्त बनाएंगे यह

जीवन भर हमारे साथ रहेंगे और धीमे-धीमे जब हमारा पढ़ाई पूरे होने लगती

है तो हमें डर लगता है कि अब हमें कॉलेज भी छोड़ना होगा क्योंकि जो मजे

हमने स्कूल में नहीं किए थे वह सारे मजे हम कॉलेज में करते हैं और यहां

तक की कई लोग गंदी आदतों में भी कॉलेज में ही फंस जाते हैं जैसे की

नशेबाजी गुटखा खाना और अन्य काम और जब हमारे कॉलेज छोड़ने की

बारी आती है तब हमें वैसे ही दुख होता है जैसा कि हमने स्कूल को छोड़ते

हुए हुआ था लेकिन जिस दिन हम कॉलेज छोड़ते है तब हमें डर लगने

लगता है के अब आगे क्या करेगे मगर फिर भी सारे दोस्तों को और गर्लफ्रैंड

को छोड़ कर हमें आना ही होता है l


Real Life 


देखिए जैसा कि हम जानते है के स्कूल और कॉलेज लाइफ के बाद ही हमारी

असली जीवन शुरू होता है और कई समय तक तो हमें समझ ही नही आता

के हमें अपने जीवन में करना क्या है क्योंकि हम अभी भी अपने आप को

वही समझते है जैसा कि कॉलेज और स्कूल में समझते थे लेकिन फिर कुछ

समय बाद घर वालों की बातें हमें बड़ी अजीब लगने लगते हैं क्योंकि वह

कहते हैं की जो अब थोड़ा बहुत कमाओ और हमें लगता है कि शायद अब

हमारा दूसरा जीवन स्टार्ट होगा और हम सोचने लगते हैं कि हम बहुत कमा

लेंगे जितना हमारे पिता ने नहीं कमाया मुझे भी ज्यादा कमा सकते हैं और

इसी गुस्से में हम लोग नौकरी की तलाश में निकल जाते हैं लेकिन सच्चाई

यह होती है कि हम लोगों को कई समय तक नौकरी मिलती ही नहीं है

क्योंकि हमने अपना कॉलेज और स्कूल टाइम को हंसी मजाक में उड़ाया था

और कई समय बाद हमें वही 12 या 15000 की नौकरी मिलती है यह

बोलकर क्या Fresher है और हम लोग समझे लगते हैं कि यह शायद बहुत

ज्यादा पैसे हैं लेकिन अब हमारी बारी होती है कि हम अपने घर वालों को

वह सारे सुख सुविधा दें जो उन लोगों ने हमें दी थी लेकिन सच्चाई यह होती

है कि हम इस लायक होते ही नहीं है क्योंकि हम लोगों को जो 12 , 15000

बहुत बड़े लगते थे वह शायद कुछ भी नहीं होते धीमे-धीमे समझ में आता है

कि जितना अय्याशी और मजे हमने अपने पिता के समय पर लिए शायद

अब वह जीवन खत्म हो गया है और हम लोग जिंदगी की दौड़ में इतना खो

जाते हैं की धीमे-धीमे अपने दोस्तों से अपनी गर्लफ्रेंड से बात करने का भी

समय नहीं मिलता और सभी लोग धीमे-धीमे अलग हो जाते हैं बहुत कम ऐसे

दोस्त होते हैं जो हमसे बात करते हैं वह भी कभी कबार तो बस मेरा कहने

का मतलब यही है कि यह जीवन की गाड़ी है जिसमें से हम सबको गुजरा है

लेकिन मायने यह रखता है कि हम उस जीवन को किस तरीके से जीते हैं

और अपने आगे के जीवन को अच्छा कैसे बनाते हैं लेकिन यह सच है की

सारी यादें हमारे संग जीवन भर साथ रहती है और जब हम खाली होते हैं तो

वह सारी यादें हमारे दिमाग में घूमती ही रहती हैं तो बस अपनी जिंदगी को

अच्छा करें हर तरीके के मजे भी करें लेकिन अपने जीवन के बारे में भी सोचें

क्योंकि आज आपका समय मजा करने का है लेकिन समय का पहिया

चलेगा और जो आपके पिता या माता कर रहे हैं वह आप लोगों को भी

करना होगा l


बाकी सब का देखने का नजरिया अलग-अलग है

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